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देश का भविष्य "नन्हे मुन्ने बच्चे"

बदलते समय के साथ,बच्चों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी हो गया है ,इसमें सबसे ज्यादा ज़रूरी है- माँ और बच्चे का आपसी रिश्ता ,इस समय की बढती चुनौतियों के साथ ,माँ को कुछ बातो का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है -  जब बच्चा स्कूल से लौट कर घर आये तब आप उससे स्कूल की सभी बातें  पूछिए | शायद आपके पूछने पर बच्चा जवाब न दे ,इसके लिए आपको पूछने का तरीका बदलना होगा | आप जिस विषय में उससे बात करना चाहती हैं ,वैसी ही एक बात आप उसे अपने बारे में कहें ,वो आपको अपनी बात बताएगा | सभी बच्चों के स्वाभाव अलग अलग होता है ,इसलिए आपका बच्चा सबसे अलग और अच्छा है यह सोच आपकी होनी चाहिए ,दूसरों से अपने बच्चों की तुलना न करें  | कोशिश करें की बच्चों से कुछ भी पूछते समय आपके चेहरे पर मुस्कान हो | उनका आत्मविश्वास बढेगा | १० साल की उम्र तक बच्चे को मारना या बहुत जोर से डांटना नहीं है | इस से उनके मानसिक विकास पर  नकारात्मक असर हो सकता है | अगर आपका बच्चा कोई ऐसा काम करता है जो आपकी नज़रों में गलत है  तब, उसे मना करने  की जगह ,उसका ध्यान दूसरी तरफ आकर्षित करें | मैदानी खेल में अगर आपके बच्चे को कोई खेल पसंद हो तो उसे ज़रूर खेलने का अवसर दें | अगर आप भी उसके साथ खेल में भाग लेंगी तो बहुत अच्छा होगा |  माँ ही देश का भविष्य बदल सकती है ,क्यूंकि आपके हाँथो में ही डोर है आपके प्यारे बच्चे ,सिर्फ एक बार अपने बचपन में चले जाइये और महसूस करें वो बचपन और  बन जाये अपने बच्चे की मित्र  फिर देखिये आप और आपका बच्चा एक सुख समृद्धि के वातावरण को महसूस कर सकेगा | 

 | मुश्किल पर संभव |



                                                                                                                             

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