Skip to main content

Posts

बनाए ज़िंदगी को खूबसूरत

  एक इन्सान की ज़िन्दगी शुरू होती है जब वो जन्म लेता है बचपन सबसे प्यारा गुजरता है, क्यूंकि समझ बहुत कम होती है लेकिन कई अच्छी और बुरी बातें याद रह जाती हैं -अधिकतर विकास व्यक्तिव का बचपन में ही हो जाता है , फिर युवावस्था में प्रवेश लेते ही दुनिया बहुत खूबसूरत हो जाती है और सबकुछ या तो बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगता है या बहुत ज्यादा बुरा -इस उम्र में हर बात का ज़्यादा  मात्रा   में होना ज़िन्दगी की रफ़्तार बड़ा देता है , समय कब हाथ से निकल जाता है पता ही नहीं चलता | कुछ युवा इसी अवस्था में भटक जाते है , तो कई को सही राह मिल जाती है  , कई अपने भविष्य के लिए तैयार हो जाते है -  यह सब आपके मार्गदर्शन , आपके शिक्षक , आपके पालक और सबसे ज्यादा आप पर निर्भर करता है की आपका  झुकाव किस तरफ है | क्यूंकि आपका शरीर एक मशीन है जिसके नियंत्रण का बटन आपके मस्तिष्क में है और एक्सेलरेटर आपका दिल है |  अब यह आपको ही निर्धारित करना है की करना क्या है ? किन्तु युवा वस्था में कई बार सोचने समझने की शक्ति ख़त्म हो जाती है जिससे सही निर्णय नहीं हो पाते -और यही वो समय होता है जब आपका ...
Recent posts

लड़की का आत्मविश्वास -हमारा समाज

  हमारे समाज में यह माना जाता है , की लड़की का असली घर उसके पति का घर होता है | अधिकतर लड़कियां ससुराल को अपना घर समझ कर रहती हैं और अपने परिवार , भाई बहन , और प्यार जो उन्हें बचपन से मिला है , सबको छोड़कर अपने ससुराल के लिए समर्पित हो जाती हैं | लेकिन क्या उन्हें ससुराल में वो प्यार मिलता है ? वो इज्ज़त मिलती है , जिसकी वो हक़दार हैं ? आज के इस युग में अभी भी कई शहरों में लगभग ७०% लड़कियों को वो प्यार , वो सम्मान नहीं मिल पा   रहा है जिसकी वो हकदार हैं | माननीय समाज , कई ऐसी लड़कियां हैं जो शादी के बाद अलग अलग परेशानियों का सामना कर रही हैं , तो क्या जीवन भर उन्हें इस रिश्ते को बोझ की तरह निभाना चाहिए , जिसमे न तो प्यार है और न ही सम्मान ? क्या उन्हें वापस अपने माँ बाप के साथ सर उठा कर जीने का हक है ? या क्या वह अपनी एक नयी ज़िन्दगी शुरू कर सकती हैं ? जब एक लड़की जन्म लेती है , तभी से उसे सिखाया जाता है की बड़े होकर तुम्हे अपने घर जाना है "पति का घर " और सबका ध्यान रखना है , वही तुम्हारा घर है , माँ बाप हमेशा अपनी लड़की को यही कहकर बड़ा करते हैं की हम तो सिर्फ जन्म देने वाले हैं पर तुम्...

प्यार - बन जाए मिसाल

  प्यार   बहुत ही प्यारा होता है , जब होता है तो लगता है की दुनिया बहुत ही खूबसूरत है | प्यार एक एहसास है जिसे आँखें बयां कर देती हैं   | प्यार करने के लिए एक साथी की ज़रुरत होती है , जिसे प्यार करने के लिए किसी ज़रुरत की ज़रुरत नहीं होती | कहते हैं की जिसके पास प्यार की दौलत होती है वो सबसे ज्यादा अमीर होता है .... सच्चे मन से जब आप किसी को चाहते है तो आपके अंदर एक अलग उर्जा का प्रवाह होने लगता   हैं, जो आपके साथ रहने वाले हर व्यक्ति को भी छू जाती है ; हर असंभव काम भी संभव हो जाता है ...ठीक उसी तरह जैसे ईश्वर पर विश्वास रखने पर आपका मनोबल बढ़   जाता है और सभी असंभव काम पूरे हो जाते हैं , क्यूंकि जिसके मन में प्यार है उसके मन में ईश्वर है | प्यार का रिश्ता सबसे पवित्र रिश्ता है इसलिए इसको सोच समझकर नहीं किया जाता .....हो जाता है |   प्यार जूनून है , दीवानगी है जिसमे एक दूसरे के  लिए कुछ भी कर गुजरने की शक्ति होती है | प्यार ज़िन्दगी है , इबादत है , पूजा है , अगर आपके पास   प्यार है तो उसे संभाल कर रखिये | जिससे आप प्यार करते हैं अगर उससे आपकी हर बात , ...

माता पिता का प्यार बच्चों के लिए ज़रूरी

  बच्चों के आत्मविश्वास की नीवं है - माता पिता का आपसी सम्बन्ध | किसी भी घर का वातावरण पति पत्नी के मधुर संबंधो से ही सकारात्मक बनता है | हर माँ बाप यह चाहते हैं की उनका बच्चा बड़े होकर किसी बड़ी संस्था के साथ कार्य करे और इस के लिए वह हर संभव प्रयास करते   हैं | साथ ही उसे अलग अलग एक्टिविटी क्लास में भी डाल   देते हैं , जिससे आपका बच्चा पढ़ाई  के अलावा भी अन्य क्षेत्रों में होशियार बने   | आप अपने बच्चे के सुनहरे भविष्य के लिए   हर संभव प्रयास करते हैं | किन्तु अगर घर में रोज़ किसी न किसी बात पर तनाव   होता है   या बहस की स्थिति बनती है तो यह बच्चे के मानसिक विकास के लिए   ठीक नहीं , कभी कभी विवाद होना सामान्य है | आपके चिड़ चिड़े स्वभाव के वजह से बच्चों से प्यार से बात करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है | कई माँ बाप यह जानते हैं की हम अपने बच्चे को समय नहीं दे पा रहे , कुछ अच्छा नहीं कर पा रहे , किन्तु आपसी तनाव के कारण काफी समय व्यर्थ चला जाता है | थोड़ी बहुत परेशानियाँ , तनाव हर व्यक्ति सहन कर सकता है किन्तु ज़रुरत से ज्यादा तनाव आपको मानसिक रूप से परे...

प्रिय माँ

  प्रिय माँ   , आपका बच्चा आपकी ज़िन्दगी है , जीने की वजह है और आज के इस युग में एक माँ के लिए सबसे बड़ी चुनौती भी | लड़की हो या लड़का आज का बच्चा बहुत बुद्धिमान है उसे ज़रुरत है बुद्धिमान और हर कार्य में सक्षम माँ की   | इसलिए आज और अभी से आपको अपने स्वरुप को बदलना होगा   , खास तौर पर एक गृहणी को ......आज तक एक गृहणी को घर के काम करना और खाना बनाना एवं बच्चों की देखरेख करना , सभी परिवारजनों का ध्यान रखना एक शब्द में कहें तो घर की प्रबंधक के रूप में जाना जाता है   | किन्तु अब समय आ गया है अपने स्वरुप को बदलने का इसके लिए सबसे पहले अपनी   दिनचर्या पर ध्यान दें , आप देखेंगी की ज्यातर समय आपका   रसोई , कपडे धोना , बर्तन इत्यादि सभी कामों में जाता है , फिर भी ज़्यादातर समय स्त्रियों   का रसोई में ही गुज़रता है , सुबह से लेकर शाम और फिर रात यह ज़रूरी नहीं की आप गृहणी है तो सारा वक़्त रसोई में और घर के बाकि कार्यों में   बिताएंगी | जब तक आप माँ नहीं बनी तब तक ठीक है परंतु    माँ बनने के बाद आप एक नयी ज़िन्दगी के साथ जुड़ जाती हैं जो आपको भी एक नया...